इज़्न-ए-गुफ़्तुगू

न खुश हो, न बवाल कर, किसी बात का न ख्याल कर कई साल बाद मिले हैं हम, मेरे नाम आज शाम कर आ शांत बैठ, जरा सी बात कर अपनी बता या, मुझसे सवाल कर तू रुक जरा, जरा आराम कर इधर तू देख, उधर की न बात कर फिर है चलना, उसपे विचार…

पन्नो के जख्म

मैंने जो उकेरे है हल्के पन्नो पर, वो मेरे जिंदगी के भरी जज्बात हैं!!! – तेजस्वी अनंत

engineering and technology

engineering is about imagination of idea, no matter that exit or not and technology is about to feel and touch that things.